गंगा-सफाई के चार सबसे बड़े फायदे...
संघ प्रमुख श्री मोहन भागवत जी, चलो आज से ही जुट जाओ 'गंगा-सफाई अभियान' में... साथ में उभा भारती को भी ले लेना. हम आपके 'गंगा-सफाई अभियान' का खुलकर समर्थन करते है. 'गंगा सफाई परियोजना' के नाम पर जनता के हजारों करोड़ रूपये को लुटाना मोदी सरकार की सबसे बड़ी मूर्खता है. जैसा कि माथे पे लाल टिक्का लगाए "टिक्काधारी श्री मुरली मनोहर जोशी" जी ने भी कहा है कि, मोदी सरकार की 'गंगा सफाई परियोजना' से अगले पचास वर्षों में भी गंगा को साफ़ करना मुश्किल होगा...अलबत्ता, इस परियोजना से जुड़े सिर्फ माफिया ही मालामाल होंगे. हालाकिं, गंगा समेत सभी नदियों का पानी स्वच्छ, कंचन, निर्मल हो...ऐसा देश का हर नागरिक चाहता है. मेरी राय मानो तो निकल पड़ो आज से ही इस काम के लिए. इसके लिए, वे बीस लाख लोग भी मदद करें जो रोजाना गंगा में स्नान करने आते है. अगर उन्होने मन में एकबार ठान लिया और अपने पूरे तन-मन-धन से श्रमदान करने के जरिये गंगा सफाई कार्य में जुट जाय तो समझो कुछ दिनों में ही "गंगा सफाई" का काम पूरा कर लिया जाएगा. इससे उन गंगा स्नानधारियों की पुण्य कमाई भी हो जाएगी. इसके अलावा, आरएसएस और उसके तीसो बाजू संगठनों के लाखों सदस्यों को जो दिन-रात तोड़-फोड़, दंगा-फसाद, विध्वंस,असामाजिक गतिविधियों में लिप्त है उन्हें भी इस काम में लगाया जाय. इस तरह उन्हें धार्मिक गतिविधियों में शामिल करने से उन दंगाईयों के थोड़े बहुत पाप भी स्वतः धूल जाएंगे, और उनकी ऊर्जा के नए सकारात्मक 'सृजनात्मक' क्रिया-कलाप से गंगा माता भी प्रसन्न होगी. इसी क्रिया-कलाप से देश की सेवा करने का उन्हें मौक़ा मिलेगा तो उनकी देशभक्ति भी जाग उठेगा. बल्कि, मैं तो कहता हूँ की इस पुनीत कार्य में बनारस, इलाहाबाद, हरिद्वार, के 'बाभन-बनिया' को भी शामिल कर लीजिये...फिर अलग से योग करने की क्या जरूरत है, उनसबों की बड़ी हुई तोंद खुद ब खुद पिचक जाएगी. जातिवाद भी खत्म हो जाएगा जब एकसाथ मिलकर साफ़-सफाई के काम में जुटेंगे...
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