Sustain Humanity


Friday, July 15, 2016

पांव तले जमीन बेहद तेजी से खिसक रही है। कहीं से किसी का कोई समर्थन नहीं मिल रहा है तो क्या हम भी?

पांव तले जमीन बेहद तेजी से खिसक रही है।
कहीं से किसी का कोई समर्थन नहीं मिल रहा है तो क्या हम भी?
पलाश विश्वास
अब फिर खाली हाथ हूं।चार दशक से जिस नैनीताल समाचार की वजह से नैनीताल घर बना हुआ है अभीतक,उसका पटाक्षेप होने को है।अब तक नौकरी पर था।

पैसे का हिसाब कभी जोड़ा नहीं।न जमा पूंजी संपत्ति घर वगैरह है।आय का स्रोत बंद है।सारे दरवाजे बंद हैं।खिड़कियां भी।

रोजगार खोज रहा हूं नये सिरे से।जीने केलिए यह जितना जरुरी हैषुससे ज्यादा अपने सरोकार और सक्रियता जस तस बनाये रखने की गरज से।यह रास्ता अब इस देश में आसान भी नहीं है।

हिंदी अंग्रेजी  बांग्ला में निरंतर 43 साल की सक्रियता दो कौड़ी की साबित हुई।देशभर में दोस्तियों का सिलिला कोई काम न आया।

ऐसे मुश्किल में अब ब्लागिंग इसलिए बंद करनी पड़ रही है कि लिखकर ही जीना होगा और बाकी हुनर कोई नहीं है।जो मैंने कभी किया नहीं,वही कमाने के लिए लिखना और अनुवाद करना होगा।

ऐसे में हस्तक्षेप का सिलसिला चलाना भी मुश्किल हो रहा है।
पांव तले जमीन बेहद तेजी से खिसक रही है।
कहीं से किसी का कोई समर्थन नहीं मिल रहा है तो क्या हम भी?

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