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Thursday, February 25, 2016

जाट आंदोलन के दौरान सोनीपत के मुरथल में 10 महिला यात्रियों के साथ गैंग रेप की घटना के मामले में हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए हरियाणा सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। शेम फुल, वैरी शेम फुल फॉर गवर्नमेंट-हरियाणा में महिलाएं घर से निकलने में डर रहीं हैं


जाट आंदोलन के दौरान सोनीपत के मुरथल में 10 महिला यात्रियों के साथ गैंग रेप की घटना के मामले में हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए हरियाणा सरकार को कड़ी फटकार लगाई है।

शेम फुल, वैरी शेम फुल फॉर गवर्नमेंट-हरियाणा में महिलाएं घर से निकलने में डर रहीं हैं


चंडीगढ़।जाट आंदोलन के दौरान सोनीपत के मुरथल में 10 महिला यात्रियों के साथ गैंग रेप की घटना के मामले में हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए हरियाणा सरकार को कड़ी फटकार लगाई है।
जानिए क्या कहा कोर्ट ने
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- जैसे ही मामला सुनवाई के लिए खंडपीठ के सामने आया तो जज ने कहा 'शेम फुल, वैरी शेम फुल फॉर गवर्नमेंट'।
- इसके साथ ही खंडपीठ ने हरियाणा को नोटिस जारी करके पूरे मामले की स्टेटस रिपोर्ट 29 फरवरी तक देने को कहा है।
- इसमें भी डीजीपी और एसीएस होम से अलग जांच रिपोर्ट मांगी है।
- हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि हालांकि ऐसे मामलों की संख्या के बारे में अभी पता नहीं है और न ही इस बारे में किसी की शिकायत मिली है।
- कोई शिकायत सामने आती है तो सीबीआई जांच के आदेश देना भी कोर्ट की परिधि से बाहर नहीं है।
घटना की पुष्टि अब तक नही
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इससे पहले हाईकोर्ट के जज एन. के. सांघी ने मीडिया में अाई खबरों पर चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर स्वयं मोटो कॉग्नीजेंस लेने का आग्रह किया था। मामले की सुनवाई गुरुवार को जस्टिस एस.के. मित्तल और एन.के. सांघी की कोर्ट में हुई। कोर्ट में सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल बी.आर. महाजन पेश हुए। जब कोर्ट ने शेम फुल की टिप्पणी की तो एजी ने कहा कि इस तरह की कोई घटना अभी सामने नहीं आई है। प्रशासन के आला अधिकारियों और महिला आयोग की टीम ने भी घटनास्थल और आसपास के इलाकों का दौरा किया है। गांव के लोगों से बात की है, लेकिन किसी ने भी घटना की पुष्टि नहीं की है।
कोर्ट ने कहा- हरियाणा में महिलाएं घर से निकलने में डर रहीं हैं
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कोर्ट ने कहा कि समाचार पत्र के माध्यम से यह घटना सामने आई है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी पीडि़तों की मदद करने के बजाय उन्हें वहां से जाने के लिए कह रहे थे। यह शर्मनाक है। ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो लोगों का न्याय व्यवस्था से विश्वास ही उठ जाएगा। जस्टिस मित्तल ने कहा कि आज हालात ऐसे लग रहे हैं कि हरियाणा में मां-बहनें और अन्य लोग घर से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं। पुलिस थानों में जाने से उन्हें डर लग रहा है। प्रदेश की कानून व्यवस्था कहां गुम हो गई है।
चश्मदीद अदालत पहुंचा, सुरक्षा की उठाई मांग
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मामले में सुनवाई के दौरान घटना का चश्मदीद गवाह हाईकोर्ट पहुंचा। कोर्ट को बताया कि आई.जी. सोनीपत चश्मदीदों को डरा-धमका रहे हैं, ताकि मामले को ठंडा किया जा सके। ऐसे में उसे सुरक्षा मुहैया करवाई जानी चाहिए। हाईकोर्ट ने अभी तत्काल सुरक्षा मुहैया करवाने से इंकार करते हुए अपनी शिकायत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कम सीजेएम को देने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि कोई किसी चश्मदीद गवाह को धमका नहीं सकता। कोर्ट के दरवाजे खुले हुए हैं देश की कोर्ट अभी बंद नहीं हुई हैं।
पीड़ित सीधे शिकायत करें, हम देखेंगे
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कोर्ट ने कहा है कि आंदोलन के दौरान हरियाणा के किसी भी हिस्से में किसी के भी साथ यौन अपराध हुआ है तो वह खुद या अपने रिश्तेदार के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सीजेएम को सीलबंद लिफाफे में शिकायत दे सकता है। ई मेल या किसी अन्य माध्यम से भी शिकायत भेजी जा सकती है। सीजेएम उस शिकायत को थाने में भेजकर तुरंत जांच शुरू करवाएंगे। शिकायतकर्ता की पहचान हर हाल में गोपनीय रखी जाएगी। इनके अलावा जिन लोगों की चल-अचल संपत्ति का नुकसान हुआ है, वे भी सीजेएम को अपनी शिकायत दे सकते हैं।

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